Hastinapur in Meerut district, which is a small town and about 110 km away from Delhi. Meerut-Mawana Road located on NH 119 Hastinapur, Meerut, 35 km away from the city. Jambudvipa and Jain temples here are the highlights of Hastinapur. By the way can be anytime from September to March, the weather is pleasant.
At the time of the Mahabharata, Hastinapur involving any residue is not here now. Perhaps in the future, if ever investigate anything relating to the fort and palaces were found. However, according to information in the Internet on February 6, 1949, Pandit Nehru was the restoration of the city.
Here in 1965, the entire universe was witness to major Aryika Shiromani Gyanmti mother received detailed Jain texts. In 1972 he initiated the establishment of Jambudvipa made and work was held in 1985. Jambudvipa is based on very complex architectural Jain temples, meditation halls, hospices and vegetarian eateries.
Jainism related some interesting information:
* India's sixth Jainism is a religion which has about 45 million followers.
* Jain community's literacy rate is 94%.
* And the first Tirthankara of Jainism Tirthankara Mahavira Rishabhdev were and were 24th and final.
* King's daughter Champa Ddiwahn are considered the first Jain nun.
* Jain temples idol of God rather tirthankaras, Arhnton and siddhars sculptures.
* According to Jain philosophy, the universe has no creator or run nor creation is no beginning or end.
* Jain philosophy are the main rules - non-violence, and renunciation Anekantwad.
* Jainism is the main mantra mantra Nmokar the Nmokar or punches Prmeshti mantra chant or mantra is called Hello. This mantra is in Prakrit follows:
Nmon Arihantanam (Arihnton greet)
Nmon Siddhanam (siddhars greet)
Nmon Ayriann (masters greet)
Nmon Uvajjhayanam (Upadyayon greet)
Loei Nmon Swv Sahunn (all saints greet folk)
* Jain monks of the five promises - non-violence, truth, Astey, celibacy and renunciation.
* Jain is the origin of the word 'who' as the winner which means your body, mind and speech should have won.
Jambudvipa of the photo:
हस्तिनापुर एक छोटा सा शहर है जो मेरठ जिले में है और दिल्ली से लगभग 110 किमी की दूरी पर है. मेरठ-मवाना रोड NH 119 पर स्थित हस्तिनापुर, मेरठ शहर से 35 किमी की दूरी पर है. हस्तिनापुर का मुख्य आकर्षण जम्बुद्वीप और यहाँ के जैन मंदिर हैं. वैसे तो कभी भी जा सकते हैं पर सितम्बर से मार्च तक मौसम खुशगवार होता है.
महाभारत से जुड़े हस्तिनापुर का उस समय का कोई भी अवशेष अब यहाँ नहीं है. शायद भविष्य में कभी खोजबीन की जाए तो किले और महलों से सम्बंधित कोई वस्तु मिले. बहरहाल इन्टरनेट में मिली जानकारी के अनुसार पंडित नेहरु ने 6 फरवरी 1949 को इस शहर की पुनर्स्थापना की थी.
यहाँ 1965 में प्रमुख आर्यिका शिरोमणि ज्ञानमती माताजी को पूरे ब्रह्माण्ड के दर्शन हुए जिसका विवरण जैन ग्रंथों से मिलता था. उन्होंने ही 1972 में जम्बुद्वीप की स्थापना शुरू करवाई और कार्य 1985 में संपन्न हुआ. जम्बुद्वीप परिसर में जैन वास्तु पर आधारित बहुत से मंदिर, ध्यान कक्ष, धर्मशालाएं और शाकाहारी भोजनालय हैं.
जैन धर्म सम्बंधित कुछ रोचक जानकारी:
* जैन धर्म भारत का छठा बड़ा धर्म है जिसके लगभग 45 लाख अनुयायी हैं.
* जैन समुदाय की साक्षरता दर 94% है.
* जैन धर्म के प्रवर्तक और पहले तीर्थंकर ऋषभदेव थे तथा 24 वें और अंतिम तीर्थंकर महावीर थे.
* राजा दधिवाहन की पुत्री चंपा पहली जैन भिक्षुणी मानी जाती हैं.
* जैन मंदिरों में भगवान की मूर्ती न होकर तीर्थंकरों, अर्हन्तों और सिद्धों की मूर्तियाँ हैं.
* जैन दर्शन के अनुसार सृष्टि को बनाने वाला या चलाने वाला कोई नहीं है ना ही सृष्टि का कोई आदि या अंत है.
* जैन दर्शन के मुख्य नियम हैं - अहिंसा, अनेकान्तवाद और अपरिग्रह.
* जैन धर्म का मुख्य मन्त्र है णमोकार मन्त्र जिसे नमोकार मंत्र या नमस्कार मन्त्र या पञ्च परमेष्ठी मन्त्र भी कहा जाता है. प्राकृत भाषा यह मन्त्र में इस प्रकार है :
महाभारत से जुड़े हस्तिनापुर का उस समय का कोई भी अवशेष अब यहाँ नहीं है. शायद भविष्य में कभी खोजबीन की जाए तो किले और महलों से सम्बंधित कोई वस्तु मिले. बहरहाल इन्टरनेट में मिली जानकारी के अनुसार पंडित नेहरु ने 6 फरवरी 1949 को इस शहर की पुनर्स्थापना की थी.
यहाँ 1965 में प्रमुख आर्यिका शिरोमणि ज्ञानमती माताजी को पूरे ब्रह्माण्ड के दर्शन हुए जिसका विवरण जैन ग्रंथों से मिलता था. उन्होंने ही 1972 में जम्बुद्वीप की स्थापना शुरू करवाई और कार्य 1985 में संपन्न हुआ. जम्बुद्वीप परिसर में जैन वास्तु पर आधारित बहुत से मंदिर, ध्यान कक्ष, धर्मशालाएं और शाकाहारी भोजनालय हैं.
जैन धर्म सम्बंधित कुछ रोचक जानकारी:
* जैन धर्म भारत का छठा बड़ा धर्म है जिसके लगभग 45 लाख अनुयायी हैं.
* जैन समुदाय की साक्षरता दर 94% है.
* जैन धर्म के प्रवर्तक और पहले तीर्थंकर ऋषभदेव थे तथा 24 वें और अंतिम तीर्थंकर महावीर थे.
* राजा दधिवाहन की पुत्री चंपा पहली जैन भिक्षुणी मानी जाती हैं.
* जैन मंदिरों में भगवान की मूर्ती न होकर तीर्थंकरों, अर्हन्तों और सिद्धों की मूर्तियाँ हैं.
* जैन दर्शन के अनुसार सृष्टि को बनाने वाला या चलाने वाला कोई नहीं है ना ही सृष्टि का कोई आदि या अंत है.
* जैन दर्शन के मुख्य नियम हैं - अहिंसा, अनेकान्तवाद और अपरिग्रह.
* जैन धर्म का मुख्य मन्त्र है णमोकार मन्त्र जिसे नमोकार मंत्र या नमस्कार मन्त्र या पञ्च परमेष्ठी मन्त्र भी कहा जाता है. प्राकृत भाषा यह मन्त्र में इस प्रकार है :
णमों अरिहंताणं (अरिहंतों को नमस्कार है)
णमों सिद्धाणं (सिद्धों को नमस्कार है)
णमों आयरियाणं (आचार्यों को नमस्कार है)
णमों उवज्झायाणं (उपाध्यायों को नमस्कार है)
णमों लोए सव्व साहूणं (लोक के सभी साधुओं को नमस्कार है)
* जैन मुनियों की पांच प्रतिज्ञाएँ हैं - अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह.
* जैन शब्द का उद्गम है 'जिन' याने विजेता से अर्थात जिसने अपनी काया, मन और वाणी पर जीत हासिल कर ली हो.
जम्बुद्वीप की कुछ फोटो :
जम्बुद्वीप की कुछ फोटो :
| हर छोटे मंदिर में अलग मूर्ति स्थापित है |
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| 'सुमेरु' से दिखता विहंगम दृश्य |
| तीर्थंकर महावीर मंदिर |
| जैन पताका - विकिपीडिया से साभार |
| जैन धर्म का प्रतीक - विकिपीडिया से साभार |
| सबसे ऊपर सिद्ध जन |
| मध्य में जीव-जंतु और फल-फूल |
| सबसे नीचे सात नरक लोकों में से एक Courtesy: Harsha Wardhan Jog |








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